(पंजीकरण) कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020: ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

  कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 (पंजीकरण) एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन आवेदन |

बिहार राज्य के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बिहार सरकार द्वारा कृषि इनपुट अनुदान योजना चलाई गई है।जिन किसानों की फसल ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित हुई है। (those farmers who’s crop is ruined by  hail stroms and rain ) उन किसानों को इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर ₹13500 की धनराशि प्रदान की जाएगी। (Maximum grant of rupees 13500 per hectare will be provided by the government  to those farmers).इस krishi input subsidy scheme 2020  योजना में औरंगाबाद भागलपुर, बक्सर, जहानाबाद ,कैमूर ,गया ,पटना ,मुजफ्फरपुर चंपारण, पूर्वी ,समस्तीपुर और वैशाली सम्मिलित है।

Krishi Input Subsidy Scheme 2020

Krishi Input Subsidy Scheme 2020

बिहार डीबीटी कृषि इनपुट सब्सिडी योजना भारत सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और राज्य सरकार ने स्थानीय आपदाओं के बाद धनराशि प्रदान करने के लिए बनाई है। इस krishi input subsidy scheme 2020 के अंदर राज्य के जिन किसानों को बाढ़ और ज्यादा बारिश से फसल को हानि पहुंची है तथा सिंचित फसल के क्षेत्र के लिए ₹6800 प्रति हेक्टेयर ( Rs6,800 per hectare for farmers who’s crops has been damaged due to floods or excess rain fall) और सिंचित क्षेत्र के लिए 13,500 रुपए प्रति हेक्टेयर तथा कृषि योग्य भूमि जहां पर बालू/सिल्ट का जमाव 3 इंच से ज्यादा हो उसके लिए12,200 रुपए प्रति हेक्टेयर की अनुदान राशि दी जाएगी।

योजना का नाम

कृषि इनपुट अनुदान योजना

इनके द्वारा शुरू किया गया है

बिहार सरकार द्वारा 

लाभार्थी

राज्य के किसान

विभाग

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, कृषि विभाग, बिहार सरकार

आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन

ऑफिसियल वेबसाइट

https://dbtagriculture.bihar.gov.in/

बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना नई अपडेट।

ओलावृष्टि बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण इस वर्ष जिन लोगों को अपनी रबी की फसल में नुकसान हुआ है। उन लोगों के नुकसानओं को पूरा करने के लिए सरकार ने इस योजना को शुरू किया है। बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना में जो लोग मार्च माह में रबी की फसल को हानि पहुंचने पर अनुदान नहीं कर पाए थे। वह लोग इस वर्ष इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। बिहार के 19 जिलों को कृषि एवं बागवानी में नुकसान पहुंचा है। उनके नाम है गोपालगंज, मुजफ्फर, पूर्वी चंपारण,समस्तीपुर, पश्चिमी चंपारण, बेगूसराय, लखीसराय, खखगड़िय, भागलपुर सहरसा, सुपौल, मधुपुरा ,सीतामढ़ी ,शिवहर दरभंगा, मधुबनी ,पूर्णिया, किशनगंज और आररीया के प्रतिवेदिक 148 प्रखंड क्षेत्रों के किसान इस योजना में 7 से 20 मई तक आवेदन कर सकते हैं

Krishi Input Subsidy Yojana Bihar

बिहार के कृषि मंत्री ने कहा है‌ कि बिहार के 23 जिले पटना नालंदा, बक्सर, भोजपुर,औरंगाबाद, रोहतास कोमा मुज़फ़्फ़रपुर, गोपालगंज, दरभंगा, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, मुंगेर, शेखपु,भागलपुर , लखीसराय , भगवा, जहानाबाद , गया अरवल नवादा बंका किशनगंज और मधेपुरा मधेपुरा के  196 प्रखंडों के जो किसान भाई रह गए हैं वह इस योजना के अंतर्गत 4 से 11 मई तक अनुदान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल द्वारा ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त कर सकते हैं। यह Krishi Input Subsidy Yojana Bihar योजना बिहार के किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद होगी।

कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 का उद्देश्य

जैसे की आप सभी को पता है कि बिहार राज्य के बहुत से ऐसे लोग हैं कि जो खेती करते हैं‌ और उसी से अपनी आजीविका चलाते हैं ।परंतु उन किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं की वजह से बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है। जिसकी वजह से कुछ किसान आत्महत्या कर अपनी जान गवा देते हैं और इन्हीं सभी परेशानियों को देखकर बिहार राज्य सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 को चलाया है।इस योजना में आंधी, ओलावृष्टि ,बारिश से किसानों की फसल को जो नुकसान पहुंचता है उसमें सरकार प्रति हेक्टेयर मे अधिकतम 13500 अनुदान के किसानों को देती है। इस योजना में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को पूरा किया जाएगा।

बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 के लाभ

  • इस योजना में असिंचित जगह में फसल के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर और सिंचित जगह के किसान को प्रत्येक हेक्टेयर 13500 रुपए की राशि दी जाएगी।
  • खेती वाली भूमि जहां पर बालू अथवा शिल्ट का जमाव 3 इंच से ज्यादा हो जाता है ।उसके लिए 12,200 रुपए प्रत्येक हेक्टेयर की दर से प्रदान किए जाएंगे।
  • इसमें एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा।
  • बिहार कृषि अनुदान योजना 2020 मैं मे जिन किसानों को नुकसान हुआ है। उनके लिए न्यूनतम 1000 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।
  • Krishi input subsidy Yojana मैं सब्सिडी की राशि DBT के द्वारा दी जाएगी। और ऐसी अवस्था में आपके बैंक के खाते में पैसा आधार कार्ड के द्वारा भेजा जाएगा।
  • राज्य के जो लोग इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं। तो वह इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।
  • कृषि इनपुट सब्सिडी योजनाका फायदा उठाने के लिए सबसे पहले आपको यह तय करना है‌। कि आपका जिला सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। या नहीं ।इसकी सूचना आपको अपने ब्लॉक में जाकर प्राप्त होगी।

कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के दस्तावेज़ (पात्रता )

  • बिहार का स्थाई निवासी ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • इस योजना के लिए आवेदन करने वाले किसान के पास खेती करने के लायक जमीन होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास वास्तविक खेतिहर और स्वयं भू-धरी की स्थिति में जमीन के कागजात के साथ और स्व घोषणा पत्र संकलन करना आवश्यक है।
  • एलपीसी/ जमीन/ रसीद जमाबंदी/ वंशावली विक्रय पत्र किसान के पास होना जरूरी है।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • मोबाइल नंबर

कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 में कैसे करें आवेदन?

राज्य के जो किसान कृषि इनपुट अनुदान योजना 2020 में आवेदन करना चाहते हैं वह नीचे दिए गए तरीके को अपनाकर कर सकते हैं।

  • सबसे पहले जो व्यक्ति आवेदन करना चाहता है उसे कृषि विभाग ,बिहार सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना है ।और फिर ऑफिशल वेबसाइट पर जाने के तुरंत बाद उसके सामने एक होम पेज खुल जाएगा।

  • उस होम पेज पर एक ऑनलाइन आवेदन करने का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा‌। इस ऑप्शन में से कृषि इनपुट अनुदान का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा ।आपको उस ऑप्शन के ऊपर क्लिक करना है।

  • ऑप्शन पर क्लिक करने के तुरंत बाद आपको कंप्यूटर स्क्रीन के ऊपर अगला पेज खुल जाएगा।उस पेज पर आपको किसान पंजीकरण संख्या भरनी पड़ेगी। और पंजीकरण संख्या भरने के तुरंत बाद आपको सर्च के बटन पर क्लिक करना है।
  • आगे बढ़ने से पहले आपको एक पेज पर दिए गए महत्वपूर्ण जानकारी के निर्देशों को पढ़ना है। और फिर उसके ऊपर सर्च का बटन क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज आवेदन फॉर्म भरने का खुल जाएगा।
  • आपको इस आवेदन फॉर्म में जो भी जानकारी पूछी जाएगी। जैसे कि आयू, किसान की, पता ,आपका नाम, निसान की आधार संख्या और किसान की पंचायत और किसान की श्रेणी डीबीओ और किसान के पिता का नाम आदि भरनी होगी।

पूरा आवेदन पत्र भाग 2

इस इस फॉर्म के दूसरे हिस्से में किसानों को अपनी जमीन की जानकारी जैसे की जमीन का क्षेत्रफल (दशमलव में अधिकतम 2 हेक्टेयर), फसल के नुकसान का कारण और किसान का प्रकार भरना है

फोरम के तीसरे हिस्से में किसान को दी गई जगह में खेती के योग्य जमीन का पूरा विवरण भरना है। और उसके बाद घोषणा भाग भरना है ।और “ओटीपी” बटन पर क्लिक करना है।

ओटीपी पर क्लिक करने के बाद आपको मोबाइल नंबर मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा उस ओटीपी को आवेदन फॉर्म में डालकर किसान को अब स्वघोषणा पत्र का चुनाव करना है। और उसे  देखना है कि उन्होंने जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दिए हैं। या नहीं।

इसके बाद आपको अपने आवेदन फॉर्म को ऑनलाइन जमा करवाना है और फिर आपको एक पंजीकरण संख्या दी जाएगी। आपको उस पंजीकरण संख्या को अपने पास सुरक्षित रखना है।