(रजिस्ट्रेशन) मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2022: ऑनलाइन आवेदन, लाभ व पात्रता सूची

Mukhyamantri Bal Seva Yojana Apply | मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना ऑनलाइन आवेदन | Mukhyamantri Bal Seva Yojana Application Form | मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना पात्रता सूची

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रतिदिन हमारे देश को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। देश में कई सारे ऐसे बच्चे हैं जिनके माता पिता में से कोई एक या फिर दोनों माता-पिता कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी लगभग 197 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है जिनके माता पिता की मृत्यु हो गई है एवं 1799 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है। ऐसे सभी बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आरंभ की गई है। इस योजना के माध्यम से इन बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी जिससे वह अपना जीवन यापन कर सकें। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से इस योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं ।

Table of Contents

Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों की मदद की जाएगी जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है। इस योजना को 30 मई 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से ना केवल बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी बल्कि उनकी पढ़ाई से लेकर उनके विवाह तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। Mukhyamantri Bal Seva Yojana के अंतर्गत बच्चों की पालन पोषण के लिए बच्चे को या फिर उसके अभिभावक को ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान किए जाएंगे। यदि बच्चे की आयु 10 वर्ष से कम है और उनका कोई अभिभावक नहीं है उनको राजकीय बाल गृह में आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी। लड़कियों को भी अलग से आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी एवं वह सभी बच्चे जो स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे हैं उन्हें लैपटॉप/टेबलेट भी इस योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे।

6000 बच्चों को प्रदान किया गया योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने माता-पिता या फिर दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के लिए आरंभ की गई थी। इस योजना के माध्यम से बच्चों को ना केवल आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाती है बल्कि उनकी पढ़ाई से लेकर शादी तक का खर्च उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाता है। अब तक इस योजना के माध्यम से 6000 बच्चों को लाभ पहुंचा दिया गया है। इस योजना का कार्यान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। सभी प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करने के पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाता है। विभाग द्वारा 2000 नए बच्चों को भी चयनित किया जा चुका है। जिनको इस माह किस्त प्रदान की जाएगी।

कोविड-19 के कारण अनाथ हुई बालिकाओं के विवाह पर आर्थिक सहायता

सरकार द्वारा Mukhyamantri Bal Seva Yojana के अंतर्गत उन सभी बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी जो कोविड-19 के कारण अनाथ हुई है। यह आर्थिक सहायता आवेदन के केवल 15 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेजों की जांच करके प्रदान की जाएगी। इस बात के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य सचिव द्वारा प्रदान किए गए हैं। सभी चिन्हित बालिकाएं या उनके अभिभावक एवं संरक्षक इकाई से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस कार्य के लिए जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सभी जिला अधिकारियों को पत्र एवं आवेदन का प्रारूप भी भेजा गया है। इस योजना के अंतर्गत शादी योग्य होने पर बालिकाओं को ₹101000 की राशि प्रदान की जाएगी।

See also  Telangana Unemployment Allowance Scheme 2023: Registration, TS Nirudyoga Bruthi

Key Highlights Of Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022

योजना का नाममुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
किसने आरंभ कीउत्तर प्रदेश सरकार
लाभार्थीकोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए उत्तर प्रदेश के बच्चे।
उद्देश्यकोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
आधिकारिक वेबसाइटजल्द लॉन्च की जाएगी
साल2022
आर्थिक सहायता₹4000 प्रतिमाह
आवेदन का प्रकारऑनलाइन/ऑफलाइन

कोविड-19 के कारण अनाथ हुई बालिकाओं द्वारा आवेदन

वह सभी बालिकाएं जिनका विवाह 2 जून 2021 के बाद हुआ है वह इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विवाह होने की 90 दिन के अंदर अंदर आवेदन किया जाना अनिवार्य है। विवाह के समय वर की आयु 21 वर्ष एवं वधू की आयु 18 वर्ष फिर इससे ज्यादा होनी चाहिए। सभी पात्र बालिकाओं द्वारा यह लाभ प्राप्त करने के लिए ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, विकासखंड या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है एवं शहरी क्षेत्र में यह आवेदन संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी को जमा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोरोनावायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए आरंभ की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 22 जुलाई 2021 को इस योजना का शुभारंभ किया गया है। इस मौके पर प्रदेश के चिन्हित 4050 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में प्रतिमाह ₹4000 के हिसाब से 3 माह के 12-12 हजार रुपए वितरित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत अब कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों के कारण अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

इस मौके पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा 10 लाभार्थी बच्चों को स्वीकृति पत्र, स्कूल बैग, चाकलेट, आदि प्रदान किया गया है। इनमें से दो बच्चों को टैब भी प्रदान किया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री जी द्वारा यह घोषणा की गई है कि कोरोनावायरस के कारण निरक्षित हुई महिलाओं के लिए भी एक नई योजना शुरू की जाएगी।

राजपाल द्वारा की गई योजना की सराहना

सभी अनाथ हुए बच्चों के लालन पालन से लेकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य तक की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वाहन की जाएगी। इसके अलावा वह सभी बच्चे जिनका पालन पोषण स्वजन नहीं कर सकते उनको बाल गृह में रखा जाएगा। बच्चों को शिक्षा अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से प्रदान की जाएगी एवं बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा निरीक्षक बच्चों के लिए पीएमकेएस के दिशा निर्देश भी जल्द आएंगे। जिसका लाभ भी बच्चों को प्रदान किया जाएगा। सरकार द्वारा बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए पूरा इंतजाम किया जाएगा।

इसके अलावा कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा इस योजना की सराहना की गई है। उनके द्वारा यह बताया गया है कि अनाथ हुए बच्चों के लिए ऐसी योजना शुरू करने वाला यूपी पहला राज्य है। आनंदीबेन पटेल द्वारा अधिकारियों से भी एक अनाथ बच्चे को गोद लेने की अपील की गई है। राजपाल जी के द्वारा अनाथ हुए बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए व्यापक जनसभागीता का भी आवाहन किया गया है। आनंदीबेन द्वारा सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी आदेश दिए गए हैं कि यदि विश्वविद्यालय में अनाथ बच्चे हैं तो उनकी मदद की जाए।

शादी के लिए आर्थिक सहायता एवं बच्चों को टेबलेट का वितरण

इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता से लेकर कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है। जिससे कि अनाथ हुए बच्चे अपना जीवन यापन कर सकें। इस योजना के अंतर्गत सभी पात्र बालिकाओं की शादी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹101000 की धनराशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा सभी बच्चे जो स्कूल एवं कॉलेज में पढ़ते हैं या फिर व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनको टैबलेट/लैपटॉप मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। जिससे कि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट ना आए। यदि आप भी इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको अपनी पात्रता सुनिश्चित करके जल्द से जल्द इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा। इस योजना का लाभ उन बच्चों को भी लाभ प्रदान किया जाएगा जिन्होंने अपने लीगल गार्डियन या फिर आय अर्जित करने वाले अभिभावक को कोरोना संक्रमण के कारण खो दिया हो।

पोस्ट कोविड के कारण हुई मृत्यु पर भी प्रदान किया जाएगा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को उन बच्चों के लिए आरंभ किया गया है जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है। इस योजना को अब कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस योजना के कार्यान्वयन की नीति तैयार की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत सभी चिन्हित बच्चों की लिस्टिंग एवं पात्रता की शर्तें तैयार कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से सभी अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

  • कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु का प्रमाण एंटीजन टेस्ट, आरटीपीसीआर की पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट, ब्लड रिपोर्ट, सीटी स्कैन में कोविड-19 के इंफेक्शन को माना गया है। लेकिन अगर कोरोना वायरस संक्रमित हुए मरीज की नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी पोस्ट कोविड के कारण मृत्यु हो जाती है तो इस स्थिति में भी उनके बच्चों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • इस बात की जानकारी महिला कल्याण निदेशक मनोज कुमार राय द्वारा दी गई। इस योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों के लीगल गार्डियन को जनपद स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से चिन्हित किया जाएगा। जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल कल्याण समिति द्वारा इन बच्चों के विकास पर भी नजर रखी जाएगी।
See also  Loucha Pathap Portal: Check Manipur Land Records Online, Jamabandi

₹4000 की आर्थिक सहायता एवं आवासीय सुविधा

Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के माध्यम सभी पात्र लाभार्थियों को ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रतिमाह प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता बच्चे की देखभाल के लिए होगी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह आर्थिक सहायता बच्चे के वयस्क होने तक प्रदान की जाएगी। इसके अलावा सभी बच्चे जिनकी आयु 10 वर्ष या फिर उससे कम है और उनका कोई अभिभावक नहीं है उनको आवासीय सुविधा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह आवासीय सुविधा उनको राजकीय बाल गृह में आवास प्रदान करके प्रदान की जाएगी। जिससे की उन सभी बच्चों की देखभाल हो सके। उत्तर प्रदेश में इस समय लगभग 5 राजकीय बाल गृह है जो की मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा एवं रामपुर में स्थित है।

अवयस्क लड़कियों की देखभाल एवं उनकी शिक्षा

वह सभी लड़कियां जो अवयस्क है उनको आवास एवं शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से उठाई जाएगी। सभी पात्र लड़कियों को भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल ग्रह एवं अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से शिक्षा एवं आवास प्रदान किया जाएगा। इस समय प्रदेश में लगभग 13 बाल गृह संचालित किए जा रहे हैं एवं 17 अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। सभी अवयस्क बालिकाओं की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए यह योजना आरंभ की गई है। अब  देश की बालिकाएं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ प्राप्त करके अपना जीवन यापन कर पाएंगी।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य उन सभी बच्चों की आर्थिक सहायता करना है जो कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हो गए है। इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी जिससे कि वह अपना भरण-पोषण कर सकें। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की वजह से बच्चों को दूसरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार सभी बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिमाह आर्थिक सहायता से लेकर आवासीय सहायता एवं शादी के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार इस योजना के माध्यम सेबच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठाएगी।

UP Bal Seva Yojana 2022 के लाभ एवं विशेषताएं

  • Mukhyamantri Bal Seva Yojana को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा 30 मई 2021 को आरंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों की मदद की जाएगी जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हो गई है।
  • इस योजना के अंतर्गत न केवल बच्चों की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी बल्कि उनको पढ़ाई से लेकर उनके विवाह तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • सभी पात्र बच्चों के पालन पोषण के लिए प्रतिमाह उनको ₹4000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • यह आर्थिक सहायता बच्चे के वयस्क होने तक प्रदान की जाएगी।
  • इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लड़कियों की शादी के लिए ₹101000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चे की आयु यदि 10 वर्ष से कम है और उसका कोई अभिभावक नहीं है तो इस स्थिति में बच्चे को आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
  • यह सुविधा राजकीय बाल गृह के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से सभी पढ़ाई कर रहे बच्चों को लैपटॉप या टेबलेट भी प्रदान किया जाएगा।
  • इस योजना का लाभ उन बच्चों को भी प्रदान किया जाएगा जिन्होंने अपने लीगल गार्डियन या फिर आय अर्जित करने वाले अभिभावक को कोरोना संक्रमण के कारण खो दिया है।
  • सभी अवयस्क लड़कियों को भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह एवं अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा एवं आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी।
See also  HUDA Plot Scheme 2023: Registration @ hsvphry.org.in, Status, Last Date

आईटीआई प्रक्षिक्षुओ के लिए जारी की गई पात्रता की शर्तें

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का आरंभ किया गया था। इस योजना के अंतर्गत आईटीआई प्रशिक्षु को भी लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए 8 जून 2021 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्रधानाचार्य डॉ नरेश कुमार जी के द्वारा पात्रता की शर्त जारी कर दी गई। सभी पात्र लाभार्थियों को लैपटॉप, टेबलेट, विवाह के लिए आर्थिक सहायता एवं प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वह सभी आईटीआई प्रशिक्षशू जो इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें अपने जिले के नोडल आईटीआई में आवेदन करना होगा। आईटीआई प्रशिक्षशू के लिए पात्रता की शर्तें कुछ इस प्रकार है।

  • प्रशिक्षु की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • आवेदक के माता पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई होनी चाहिए।
  • यदि आवेदक के माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु मार्च 2020 से पहले हुई हो और दूसरे की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई हो तो इस स्थिति में भी इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
  • यदि आवेदनकर्ता के माता पिता की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पहले हुई हो और लीगल अभिभावक की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई हो तो वह भी इस योजना का पात्र है।
  • वह बच्चे भी मुख्यमंत्री बाल सेवा  योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे जिनके माता-पिता में से आय अर्जित करने वाले अभिभावक की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई हो।
  • इसके अलावा यदि माता-पिता दोनों जीवित है लेकिन आय अर्जित करने वाले अभिभावक की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है और जीवित माता-पिता की वार्षिक आय ₹200000 या फिर उससे कम हो तो इस स्थिति में भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की पात्रता

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • वह बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने दोनों माता-पिता को खो दिया हो।
  • अपने लीगल गार्डियन को कोरोना वायरस संक्रमण के कारण खोने वाले बच्चे इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं।
  • वह बच्चे जिन्होंने अपने आय अर्जित करने वाले अभिभावक को कोविड-19 के कारण खो दिया हो।
  • वह बच्चे जिनके माता-पिता में से कोई एक ही जीवित था और उनकी मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई हो।
  • बच्चे की आयु 18 वर्ष या फिर 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • एक परिवार के सभी बच्चे (जैविक एवं कानूनी रूप से गोद लिए गए) इस योजना का लाभ प्राप्त कर पाएंगे।
  • वर्तमान में जीवित माता या पिता की आए ₹200000 या फिर ₹200000 से कम होनी चाहिए।

UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • उत्तर प्रदेश के निवासी होने का घोषणा पत्र
  • बच्चे का आयु प्रमाण पत्र
  • 2019 से मृत्यु का साक्ष्य
  • बच्चे एवं अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्व आवेदन
  • माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र (यदि माता-पिता दोनों की मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में आय प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी नहीं है।)
  • शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र
  • आवेदन पत्र
  • माता-पिता या वेज संरक्षक का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • कोविड-19 से मृत्यु होने का प्रमाण
  • बल एवं अधिक आयु प्रमाण पत्र
  • 2015 की धारा 94 में उल्लेखित प्रमाण पत्रों के अतिरिक्त परिवार रजिस्टर की नकल
  • आयु का प्रमाण
  • विवाह की तिथि नियत होने या विवाह संपन्न होने से संबंधित अभिलेख
  • विवाह का कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र(इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार की सालाना आय ₹300000 या फिर उससे कम होनी चाहिए)
  • बालिका एवं उसके अभिभावक की फोटो

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

यदि आप यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया को फॉलो करना होगा।

  • यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो आपको ग्राम विकास/पंचायत अधिकारी या विकासखंड या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जाना होगा और यदि आप शहरी क्षेत्र में रहता है कि आपको लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाना होगा।
  • आपको कार्यालय से इस योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।
  • अब आपको आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करनी होगी।
  • इसके पश्चात आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अटैच करना होगा।
  • अब आपको यह आवेदन पत्र कार्यालय में जमा करना होगा।
  • इस प्रकार आप यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे।
  • जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति द्वारा पात्र बच्चों को चिन्हित करने के बाद 15 दिन के अंदर आने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत माता पिता की मृत्यु के 2 वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता है।
  • अप्रूवल प्राप्त होने की तिथि से ही इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।