नेशनल एजुकेशन पालिसी 2021: New Education Policy, नई शिक्षा नीति PDF

National Education Policy | New Education Policy PDF | नेशनल एजुकेशन पालिसी नई शिक्षा नीति | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है? | Modi Education Policy

दोस्तों जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं की हाल ही में भारत सरकार द्वारा मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय ने हाल ही मे देश की एजुकेशन पॉलिसी में बहुत बडा बदलाव किया है। यह बदलाव इसरो प्रमुख डॉक्टर के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में किया गया है इस योजना मे भारत का एज्यूकेशल सिस्टम पूरा बदल गया है। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से हाल ही मे चैंज हुई नेशनल एजुकेशन पालिसी से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए यह आर्टिकल लेकर आये है। इसी के साथ हम आपको हाल ही मे परिर्वतित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य बताएंगे और नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 की कुछ मुख्य विशेषताएं बताएंगे। हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से एजुकेशन पॉलिसी में होने वाले बदलावो के बारे में भी बताएंगे। यदि आप National Education Policy  के बारे मे सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

New Education Policy

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है?

इस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत देश के स्कूलों तथा कॉलेजों में होने वाली शिक्षा की नीति तैयार की जाती है। पर हाल ही में मोदीजी जी भारतीय सरकार ने अभी नई New national education policy 2020 आरंभ की है। इस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार ने एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे नए ओर मुख्य बदलाव किए हैं। इस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी NEP के माध्यम से भारत को एक वैश्विक  रूप से ज्ञान के भंडार (world knowledge) की विश्व मे महाशक्ति बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। अब अपने नए नाम मानव संसाधन एवं प्रबंधन मंत्रालय शिक्षा मंत्रालय (NHRM) के नाम से भविष्य में जाना जाएगा।  देश की इस नई नेशनल एजुकेशन पालिसी (नीति) के अंतर्गत आने वाले 2030 तक देश के लगभग सभी स्कूली शिक्षा में 100% जी ई आर (GER) के साथ सभी देश के सभी  पूर्व विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा (Medical and law studies not included मेडिकल ओर विधि के विद्यार्थी इसमे शामिल नही हैं) पहले जो देश की शिक्षा में 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था परंतु अब इस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 5+3+3+4 का शिक्षा पैटर्न फॉलो किया जाएगा। यह National Education Policy 2014 पूर्व के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र में शामिल थी।

नई शिक्षा नीति

हाल ही में भारत सरकार दुवारा बनाई गई नई शिक्षा नीति में देश के स्कूलों के शिक्षकों की गुणवत्ता के स्तर और और ऊपर उठाने के लिए कई प्रावधान को लागू किया गया हैं। देश की इस हाल ही में लागू हुई नई स्कूल की शिक्षा व्यवस्थाओ में शिक्षक पात्रता की परीक्षा (टीईटी) के स्वरूप को भी नए रूप में बदला जाएगा । अभी तक टीईटी (TTE) परीक्षा दो(2) हिस्सों में बंटी हुई थी जिसका पार्ट प्रथम और पार्ट द्वितीय था। लेकिन अब इस नई स्कूली शिक्षा की व्यवस्था का स्कूल के स्ट्स्ट्रक्चर को चार हिस्सों में बंटा होगा – जिसमे पहला फाउंडेशन, दूसरा प्रीपेरेटरी, तीसरा मिडल और चौथा सेकेंडरी। इसी के आधार पर अब टीईटी का पैटर्न भी सेट भी नए तरीके से किया जाएगा। विषय विशेष के शिक्षकों की नई  भर्ती के समय अब टीईटी या उससे संबंधित सब्जेक्ट (SUBJECT) में एनटीए टेस्ट (Nta test) का स्कोर भी चेक किया जा सकता है। एवं सभी विषयों की परीक्षाएं और एक कॉमन एप्टीट्यूट टेस्ट होगा जिसका आयोजन अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) दुवारा किया जाएगा।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 पर प्रधानमंत्री का देश को संबोधन

  • बीती 7 अगस्त 2020 को हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी योजना पर देश के नाम एक संबोधन दिया गया ।
  • देश के नाम अपने संबोधन में भारत के प्रधानमंत्री जी ने नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 जो कि भविष्य में लागू की जाएगी, के मुख्य तथ्य की चर्चा की।
  • प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि इस नई शिक्षा नीति के आधार पर नए भारत का आधारभूत नींव बनेगी।
  • 2021 के शिक्षा सत्र में लागू होने वाली नई शिक्षा नीति में भारत के छात्रों को ग्लोबल सिटीजन की नींव बनाएगी और इसी के साथ ही यह नई शिक्षा नीति छात्रों को अपनी सभ्यता से भी जोड़ा रखेगी।
  • हाल ही में लागू हुई इस नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश के सभी छात्रों को अपने पैशन को फॉलो करने के लिए  अवसर प्रदान किये जाएंगे।
  • स्नातक कोर्स 3 या 4 साल के हो सकते हैं (यह छात्रों की इच्छा पे निर्भर हैं)। जिसमें कई सारे एग्जिट ऑप्शन भी होंगे। जोकि एक अच्छे और उचित सर्टिफिकेशन के साथ होंगे जैसे कि यदि छात्र ने अपने पढ़ाई के कैरियर में 1 साल स्नातक कोर्स में पढ़ाई की है तो उसे एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिसमे यह बताया जाएगा की छात्र ने एक साल की पढ़ाई पूरी कर ली हैं , ओर अगर छात्र 2 साल की पढ़ाई करता हैं तो उसके बाद छात्र को एडवांस डिप्लोमा दिया जाएगा, ओर 3 साल के बाद छात्र को स्नातक डिग्री दी जाएगी और अगर छात्र 4 साल को पढ़ाई करता हैं तो उसके बाद छात्र को रिसर्च के साथ बैचलर की डिग्री दी जाएगी।
  • इस शिक्षा नीति के अंतर्गत एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट नाम संस्था का गठन किया जाएगा जिसमें सभी छात्रों द्वारा अर्जित किया गए सभी प्रकार के डिजिटल अकैडमी क्रेडिट हो विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से इन्हें संग्रहित ओर संगठित किया जाएगा और इसे अंतिम डिग्री के लिए स्थानांतरित किया जाएगा और ओर साथ ही स्नातक लेवल तक इसे गिना जाएगा।
  • इस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ईलर्निंग पर ज्यादा जोर देकर पाठ्य पुस्तकों पर छात्रों की निर्भरता को कम करना भी इस नई शिक्षा प्रणाली में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के उद्देश्य में रखा गया है।
  • इस नई शिक्षा में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी दुवारा उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के प्रवेश के लिए एक सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगी।
  • आगामी 2030 तक देश के लगभग हर जिले में कम से कम एक बहुत बड़ी बहु विषयक उच्च शिक्षा संस्थान का निर्माण किया जाएगा जो छात्रों के हित मे काम करेगी।
  • इस योजना के अंतर्गत आगामी 2040 तक देश के लगभग सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहू विष्यक संस्थान बनाने का लक्ष्य इस नई शिक्षा नीति निर्धारित किया गया हैं।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग मेडिकल ओर विधि के छोड़ कर बामी संपूर्ण उच्च शिक्षा के लिए एकमात्र निकाय होगा।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के पास इस योजना के अंतर्गत चार वर्टिकल होंगे जो कि नेशनल higher एजुकेशन रेगुलेटरी काउंसिल, जनरल एजुकेशन काउंसिल, हायर एजुकेशन काउंसिल तथा नेशनल एक्रीडिटेशन काउंसिल के नाम से होंगे।
  • देश की इस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत देश भर सरकारी तथा प्राइवेट शिक्षा मानव रूप से एक समान होंगे। तथा दिव्यांगजन छात्रों के लिए शिक्षा में  कुछ बदलाव किया जाएगा।

New National Education Policy 2020

आर्टिकल किसके बारे में हैनेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020
किस ने लांच की स्कीमभारत सरकार
लाभार्थीभारत के नागरिक
आर्टिकल का उद्देश्यइस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का सार्वभौमीकरण करना है तथा भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है।
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साल2020
स्कीम उपलब्ध है या नहींउपलब्ध

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य

हाल ही में लागू हुई नई National Education Policy 2020 का मुख्य उद्देश्य यह हैं कि भारत मैं अब से प्रदान की जाने वाली नई शिक्षा को वैश्विक (विश्व) स्तर पर लागू करना है। जिससे कि भारत एक मजबूत वैश्विक ज्ञान की महाशक्ति बन सके। इस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के माध्यम से देश की स्स्कूली शिक्षा का अच्छे से सार्वभौमीकरण किया जाएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 इस नई योजना में सरकार के माध्यम से पूर्व में चल रही पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे नए संशोधन किए हैं। जिससे कि बच्चो के शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार आएगा और स्कूल के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

National Education Policy 2020 के विशेषताएं

  • 2021 से मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को अब नए नाम शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।
  • इस National Education Policy के अंतर्गत देश की शिक्षा को नए स्तर से सार्वभौमीकरण किया जाएगा परंतु इस नई नीति में मेडिकल और लॉ की पढ़ाई इस नई नीति में शामिल नहीं की गई है।
  • पहले देश के सभी स्कूलों में 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था परंतु अब 2021 में लागू होने वाली नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत आगामी सत्रों में 5+3+3+4 का पैटर्न को स्कूलों में फॉलो किया जाएगा। जिसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी तो होगी ही परंतु उसके साथ मे 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा होगी।
  • देश की स्कूलों में छठी कक्षा से आगे व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप को आरंभ की रणनीति बनाई जाएगी और इसे लागू भी किया जाएगा।
  • स्कूलों में पांचवी कक्षा तक शिक्षा देश की मातृभाषा में या फिर उस राज्य की क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी।
  • पुरानी शिक्षा नीति में पहले साइंस, कॉमर्स तथा अर्ट अलग अलग स्ट्रीम होती थी। परंतु अब नई शिक्षा नीति में ऐसी कोई भी स्ट्रीम नहीं होगी। छात्र अपनी स्वेछा से ओर इच्छा अनुसार अपनी पसंद का विषय चुन सकते हैं। अगर जो छात्र फिजिक्स के साथ अकाउंट , मैनेजमेंट या फिर आर्ट्स का कोई सब्जेक्ट जैसे इतिहास पड़ना चाहते हैं तो वो भी पढ़ सकते हैं।
  • स्कूल के छात्रों को छठी (6) कक्षा से ही स्कूलों में कोडिंग भी सिखाई जाएगी।
  • देश की सभी स्कूलो में डिजिटल इक्विप्ड किए जाएंगे ताकि शिक्षा का स्तर बढ़े।
  • शिक्षा में सभी प्रकार की इकॉन्टेंट को राज्य की क्षेत्रीय भाषा में ट्रांसलेट किया जाएगा ताकि विद्यार्थी समाझ सके।
  • स्कूलों में वर्चुअल लैब भी डिवेलप की जाएंगी।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 की कुछ मुख्य बातें

  • इस नई नीति में उच्च शिक्षा के लिए मुख्यतः उपयुक्त प्रमाणीकरण के साथ ओर भी कई प्रविष्ठियां और निकास के लिए बिंदु होंगे।
  • नई नीति में स्कूल के बक़द स्नातक कोर्स 3 या 4 (दोनो में से एक) साल के हो सकते हैं। जिसमें कई सारे एग्जिट पॉइंट ऑप्शन के तौर पर भी होंगे। जोकि एम उचित सर्टिफिकेशन के साथ होंगे ओर हर स्टेप पे नई मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट देंगे जैसे कि यदि छात्र ने 1 साल का स्नातक कोर्स कॉलेज में पढ़ाई की है तो उसे उस स्तर का सर्टिफिकेट दिया जाएगा, अगर आप 2 साल के बाद एक ज्यादा एडवांस डिप्लोमा का प्रमाण पत्र दिया जाएगा, ओर 3 साल के बाद स्नातक की डिग्री दी जाएगी और 4 साल के बाद आपको एक रिसर्च के साथ बैचलर की डिग्री का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
  • इस नई नीति में एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का गठन छात्रों के हित के किये किया जाएगा जिसमें छात्रों द्वारा प्राप्त/अर्जित किया गए डिजिटल अकैडमी क्रेडिट हो दुवारा विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से इसे संग्रहित व संगठित किया जाएगा और इसे अंतिम डिग्री के लिए आगे स्थानांतरित किया जाएगा और महत्वपूर्ण भी गिना जाएगा।
  • इस नई नीति में स्कूली शिक्षा  में ईलर्निंग पर जोर देकर पाठ्य पुस्तकों पर छात्रों की निर्भरता को हद से ज्यादा कम करना भी 2021 में लागू होने वाली की इस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य होगा।
  • इस नीति में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी जो कि उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के लिए प्रवेश के लिए एक सामान्य प्रवेश परीक्षा की पेशकश करेगी।
  • 2030 तक देश के हर जिले में कम से कम एक बहुत बड़ी ओर बहु विषयक उच्च शिक्षा संस्थान  का निर्माण राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा।
  • 2040 तक देश के लगभग सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहू विष्यक संस्थान बनाने का लक्ष्य 2021 में लागू होने वाली इस नई शिक्षा नीति में रखा गया है।
  • इस नई नीति में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग दुवारा संपूर्ण उच्च शिक्षा के लिए एकमात्र निकाय होगा। (परंतु इसमे चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को नही जोड़ा जायेगा)
  • इस नई नीति में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के लिए उसके पास चार वर्टिकल होंगे जो कि पहला हैं नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी काउंसिल, इसमें दूसरा जनरल एजुकेशन काउंसिल, इसमे तीसरा हायर एजुकेशन काउंसिल तथा ओर चौथा ओर अंतिम नेशनल एक्रीडिटेशन काउंसिल होगा।
  • देश मे लागू इस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत देश के सभी सरकारी तथा प्राइवेट शिक्षा मानव के सभी भाग एक समान होंगे। तथा देश दिव्यांग जनों व छात्रों के लिए इस शिक्षा नीति में बदलाव किया जाएगा।

2021 में लागू होने वाली नई शिक्षा नीति के लाभ

  • इस नई नेशनल एजुकेशन पालिसी को देशभर में लागू करने के लिए देश जीडीपी का लगभग 6% हिस्सा खर्च किया जाएगा।
  • स्कूली पढ़ाई में संस्कृत और भारत की अन्य सभी प्राचीन भाषाओ को पढ़ने का विकल्प भी रखा जाएगा। छात्र अगर चाहे तो इन प्राचीन भाषाएं को पढ़ सकते हैं।
  • बोर्ड परीक्षाओं में भी 2021 के सत्र से बदलाव किया जाएगा। इसमे ऐसा हो सकता है कि एक साल में दो बार छात्रों के ऊपर से पढ़ाई बोझ कम करने के लिए बोर्ड परीक्षाएं ली जाए ताकि बस्ते का बोझ ना हो।
  • स्कूली पढ़ाई को आसान बनाने के लिए आज की नई तकनीकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल इस शिक्षा नीति में किया जाएगा।
  • हाइर एजुकेशन से एमफिल तक  की डिग्री को खत्म इस योजना में खत्म किया जा सकेगा।
  • पढ़ाई के साथ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को भी स्कूल के मैन सिलेबस में रखा जाएगा।
  • आगामी नए सत्र में स्कूली छात्रों को किसी भी 3 अन्य भाषा सिखाई जाएंगी जो कि हरेक राज्य अपने स्तर पर निर्धारित कर सकेंगे।
  • अब 2021 से भारत की बड़ी शिक्षण संस्थान राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (ncert) द्वारा देश के सभी बच्चो की स्कूल की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी जिसमे छात्रों को फायदा हो।
  • नई लागू इस नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए कई कई सारे संस्थान देश मे स्थापित किए जाएंगे जिससे कि यह शिक्षा पॉलिसी सुचारू रूप से चल पाए।
  • देश मे लागू इस नई एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत स्कूल के सभी बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके रुचि अनुसार कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • देश मे लागू कस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत यदि अगर कोई छात्र अपनी रुचि अनुचर कोई कोर्स बीच में छोड़कर अपने मनसे कोई दूसरे कोर्स में दाखिला लेना चाहता है तो वह पहले वह छात्र कोर्स से निश्चित समय तक के लिए ब्रेक ले सकता है और फिर बाद में दूसरा कोर्स ज्वाइन कर सकता है।

National Education Policy 2020 के चार चरण

आगामी 2021 में लागू होने वाली इस नई शिक्षा नीति को चार अलग काग चरणों में विभाजित किया गया है जो कि 5+3+3+4 (पांच+तीन+तीन+चार) के पैटर्न के अनुसार होगा। इस नए पैटर्न में विद्यार्थी के 12 साल की स्कूली शिक्षा ओर उसके साथ 3 साल की प्री(pre) स्कूली शिक्षा भी इसमें शामिल है। इस न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी(NEP) को सरकारी एवं प्राइवेट दोनों संस्थानों को नियमानुसार फॉलो  करना होगा। इस न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के जो चार चरण होंगे वो कुछ इस प्रकार है।

फाउंडेशन स्टेज

इस प्रथम फाउंडेशन स्टेज में 3 से 8 साल तक के स्कूल के बच्चों के लिए हैं। जिसमें 3 साल तक की प्री स्कूल शिक्षा एवं साथ मव 2 साल की स्कूली शिक्षा (कक्षा एक(प्रथम) तथा दो(दिव्तीय)) शामिल है। इस फाउंडेशन स्टेज में पढ़ाई के सात्ज भाषा कौशल और शिक्षण के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

प्रिप्रेटरी स्टेज

फाउंडेशन स्टेज के बाद प्रिप्रट्री स्टेज के अंतर्गत 8 साल से लेकर 11 साल तक के स्कूल इसमे बच्चे आएंगे। जिसमें कक्षा 3 से कक्षा 5 तक के सभी बच्चे शामिल है। इस स्टेज में बच्चों की भाषा, बुद्धिमता और संख्यात्मक कौशल में विकास करना ओर इसके साथ शिक्षकों का उद्देश्य रहेगा। इस स्टेज में स्कूल के बच्चों को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई को पढ़ाया जाएगा।

मिडिल स्टेज

इस स्कूल के मिडिल स्टेज के अंतर्गत हर स्कूल के कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के सभी बच्चे आएंगे। कक्षा 6 से बच्चों को कोडिंग सिखाई जाएगी एवं शिक्षित किया जाएगा और उन्हें व्यवसायिक परीक्षण के साथ-साथ इस क्षेत्र में इंटर्नशिप  भी दी की जाएगी

सेकेंडरी स्टेज

नई शिक्षा के इस स्टेप में सेकेंडरी स्टेज में कक्षा 9 से 12 तक के सभी बच्चे आएंगे। जैसे कि पहले बच्चे सभी अलग स्ट्रीम मे से कैसे साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट्स स्ट्रीम लेते थे। परंतु अब इस नई शिक्षा में यह खत्म कर दिया गया है। इनमे अब बच्चे अपनी पसंद के विषय का चुनाव कर सकते हैं। जैसे कि  स्कूल के बच्चे साइंस के साथ कॉमर्स का सब्जेक्ट  या फिर कॉमर्स के साथ आर्ट्स का सब्जेक्ट भी ले सकते हैं।

नई शिक्षा नीति 2020: स्ट्रीम्स

इस नई योजना नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अंतर्गत स्कूल के छात्रों को अब पहले के जैसे कोई कोई एक स्ट्रीम नहीं चुननी होगी। अब छात्र आर्ट स्ट्रीम के साथ-साथ साइंस स्ट्रीम के सब्जेक्ट भी पढ़ सकते हैं, साइंस स्ट्रीम के साथ आर्ट्स ओर कॉमर्स स्ट्रीम भी पढ़ सकते हैं। इस योजना में प्रत्येक विषय को एक अतिरिक्त पाठ्यक्रम ना मान कर के एक पाठ्यक्रम के रूप में देखा जाएगा जिसमें अन्य सभी जौसे योग, खेल, नृत्य, मूर्तिकला, संगीत आदि शामिल एक्टिविटी भी शामिल होगी है। एनसीईआरटी(ncert) ने पाठ्यक्रमों को एक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की नई रूपरेखा के अनुसार तैयार करेगी। जिसमें शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रमो को भी इनमें शामिल किया जाएगा। वोकेशनल एवं एकेडमिक स्ट्रीम को भी अलग नहीं किया जाएगा जिससे कि सभी छात्रों को दोनों क्षमताओं को एक साथ विकसित करने का मौका मिलेगा।

B.Ed अब 4 साल का

ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 में वक बड़ा बदलाव हुआ हैं कि बीएड को 4 साल का कर दिया गया है। 2030 के अंत तक एक शिक्षक की न्यूनतम योग्यता 4 साल का बी एड (नई शिक्षा नीति के तहत) प्रोग्राम होगी। सभी स्टैंडअलोन शिक्षण संस्थान जो की इस निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे उनके ओर इस शिक्षा नियमो के खिलाफ जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वोकेशनल स्टडीज पर फोकस

हमारे देश में हाल में वोकेशनल स्टडी सीखने वाले छात्रों की संख्या 5% से भी कम है। इसी बात को मध्यनजर रखते हुए नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अब कक्षा छठी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूली छात्रों को वोकेशनल स्टडीज सीखने पर ध्यान ज्यादा दिया जाएगा। जिसमें छात्रों को बागबानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन, बिजली का काम आदि एक्टिवितयो में शामिल है। आगामी 2025 के अंत तक इस नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कम से कम देश के 50% स्कूल के छात्रों को वोकेशनल स्टडीज पढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित इस योजना में किया गया किया गया है।

मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा

जैसे कि सभी लोग जानते हैं कि हमारे ओर आपके बच्चों को पुरानी यदि उनकी मातृभाषा में ज्यादा याद रहती हैं ओर फिर अगर छात्रों को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाए तो वह बात को ज्यादा आसानी से समझ पाएंगे इसी बात का ध्यान इसमे रखा गया हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नई योजना में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अंतर्गत कक्षा पांचवी कक्षा तक सभी स्कूली बच्चों को उनकी मातृभाषा या फिर उनकी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने का प्रावधान भी इस योजना में रखा गया है। अब शिक्षकों को स्कूल के  पांचवी कक्षा तक के सभी बच्चों को उनकी मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा प्रदान करने को प्राथमिकता देनी होगी । नए पाठ्य पुस्तकों को भी क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराना का प्रयास भी इस योजना में किया जाएगा और यदि पाठ्यपुस्तक क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध नहीं है तो इस स्थिति में स्कूल के माहौल में बच्चों और शिक्षक के बीच बातचीत का माध्यम क्षेत्रीय भाषा का चुनना होगा। कक्षा 1 से बच्चों को दो से तीन भाषाएं सिखाई जाएंगी जिसमे क्षेत्रीय भाषा होगी।

शिक्षकों की भर्ती

ईस नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अंतर्गत शिक्षको को दी गई भाषाओं को बोलने की कमी है तो इस स्थिति में विशेष तौर से इस योजना में प्रयास किए जाएंगे की दी गई क्षेत्रीय भाषाओं को बोलने वाले नए शिक्षकों को भर्ती कि जाए। जिसके अंतर्गत पहले रिटायर हुए शिक्षकों को भी दोबारा वापस बुलाया जा सकता है।

विदेशी भाषा सिखाई जाने पर भी जोर

नई योजना में माध्यमिक विद्यालय स्तर के बच्चे अपने पसंद की कोई भी विदेशी भाषा भी सीख सकते हैं। जिसमें फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस, जैपनीज, इटालियन आदि होंगी। यह सभी प्रयास नई नीति के अंतर्गत भारत की शिक्षा को वैश्विक तौर पर एक नई पहचान बनाने का एक प्रयास है।

Conclusion

दोस्तों हमने आपको अपने इस नए आर्टिकल के माध्यम से देश मे लागू हुए न्यू नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से संबंधित सभी प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी आपको प्रदान कर दी है। अगर आपको यह नई एजुकेशन पॉलिसी सरकार का क्रांतिकारी फैसला लगती है जो कि भविष्य में स्कूल के सभी छात्रों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगा। दोस्तों हमें इस बात की उम्मीद है कि आप इस नेशनल एजुकेशन पालिसी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी समझ चुके हैं। यदि National Education Policy में और कोई भी नया अपडेट आएगा तो हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से जरूर बताएंगे। आप से निवेदन है कि आप हमारे साथ हमेशा जुड़े रहे।